लेखक: कैलाश जैन

महिलाएं सभ्य समाज की धुरी होती हैं. लेकिन भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति को देख कर लगता है कि यह धुरी दिनबदिन कमजोर होती जा रही है. पुरुष प्रधान समाज ने अपनी सारी परंपराएं और प्रथाएं स्त्रियों के शोषण हेतु निर्मित की हैं. बाल विवाह हो, सतीप्रथा हो या विधवा का सामाजिक जीवन, हर मुकाम पर शोषण की शिकार महिलाएं ही हैं.

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