कई आदिवासी मर्द अपनेअपने धनुष को घुमाफिरा कर देख रहे थे. उस की प्रत्यंचा की जांचपड़ताल कर रहे थे. वे तीरों के नुकीलेपन को मापते दिख रहे थे.

कुछ आदिवासी अपने तीरों को और नुकीला और मारक बनाने के लिए उन्हें पत्थरों पर घिस रहे थे. कोई तीरों के किनारों पर बेहोशी की दवा लगा रहा है.

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