उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पास ही स्थित 52 कुंडों में वर्ष में 2 बार सोमवती अमावस्या और शनीचरी अमावस्या के दिन बहुत भीड़ होती है. ऐसा अंधविश्वास है कि यहां स्नान करने से भूतप्रेत, चुड़ैल और पिशाच की बाधा का नाश होता है.

17 मार्च, 2018 को शनीचरी अमावास्य के दिन मैं भी इस जगह की प्रत्यक्षदर्शी बनी. मैं ने यहां बड़ी विचित्र घटनाएं घटित होते देखीं. प्रस्तुत है एक रिपोर्ट: दृश्य-1

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