जीवन में कई क्षण ऐसे आते हैं जब हमें दूसरों के सहयोग व सहभागिता की जरूरत पड़ती है. मकान बनवा रहे हैं तो आर्किटैक्ट से ले कर प्लंबर, इलैक्ट्रीशियन, दफ्तर में काम कर रहे हैं तो अपने सहकर्मियों और कोई सामाजिक कार्य हो तो परिवार के सदस्यों से ले कर कैटरर, टैंट हाउस वाले व घर के सेवकों के सहयोग की जरूरत पड़ती ही है. इंसानियत का तकाजा यह है कि मदद का हाथ थामने में हिचकिचाएं नहीं. हां, मदद करने वाले का शुक्रिया अदा करते हुए उसे एहसास कराएं कि सचमुच यदि उन का साथ न मिलता तो आप कामयाब न हो पाते. हो सके तो उन्हें कोई गिफ्ट भी दें.

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