कम समय में, कम परिश्रम कर के अधिक लाभ पाने की इंसान की कमजोरी को ध्यान में रखते हुए हिंदू धर्माचार्यों ने बहुत सी ऐसी व्यवस्थाएं बना रखी हैं कि जिन से बिना कोई परिश्रम किए मुफ्त में भक्त को सबकुछ मिलने की आस रहे और पुजारियों को सबकुछ मिलता रहे. मंगलवार को हनुमान से जोड़ कर मंगलवार व्रतकथा कही गई है.

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