उत्तर प्रदेश पुलिस का पहला काम नेताओं की सुरक्षा और दूसरा का धर्मिक यात्राओें का प्रबंधन इसके बाद बचे समय में कानून व्यवस्था और अपराध प्रबंधन का काम. उत्तर प्रदेश में पुलिस कुछ इस तरह से अपने काम की प्राथमिकता रखती है. हर दिन किसी न किसी महापुरूष का जन्मदिन उसकी मूर्ति और जुलूस की सुरक्षा करनी होती है. हर त्यौहार पर तमाम धर्मिक संगठन धर्मिक यात्रायें निकालते है इनमें कोई झगड़ा न हो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की प्राथमिकता में है. जिन जिन त्यौहारो में जुलूस नहीं निकलते थे उनमें भी जुलूस निकलने लगे. ऐसे धर्मिक जूलूसों को निकालने से पहले ना तो किसी तरह की अनुमति ली जाती है और ना ही कोई सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाता है. जुलूस में पैदल और मोटर साइकिलों का प्रयोग किया जाता है और वाहन सुरक्षा का कोई नियम पालन नहीं होता. बेबस पुलिस एक भी मोटर वाहन एक्ट में चालान नहीं कर पाती है.

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