इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना जान कर रूह कांप उठेगी आप का. यह सनसनीखेज घटना हावड़ा से अमृतसर पहुंची हावड़ा मेल की है, जहां ट्रेन के एक कोच में टौयलेट की सफाई करने के दौरान एक नवजात शिशु पड़ा मिला.

पसीने छूट गए कर्मचारियों के

नवजात शिशु को दुपट्टे से लपेट कर कंडोम में डाल कर फेंका गया था.

हावड़ा से अमृतसर पहुंची इस ट्रेन की सफाई होनी थी. सफाई के दौरान जब सफाई कर्मचारियों ने एसी कोच डी-3 के टौयलेट का दरवाजा खोला तो वहां दुपट्टे का एक छोर दिखाई दिया. अंदर जा कर देखा तो सफाई कर्मचारियों के ठंढ के महीने में भी पसीने छूट गए. वहां फ्लश में एक नवजात शिशु पड़ा था. आननफानन में उसे बाहर निकाला गया.

वह जिंदा था

सफाई कर्मचारी इंचार्ज, गुमनाम सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया,”कंडोम के अंदर दुपट्टे से लिपटे नवजात शिशु को जब बाहर निकाला गया तो उस की सांसें चल रही थीं. हम ने तुरंत इस की सूचना देते हुए नवजात को इलाज के लिए अस्पताल में भरती करा दिया है.”

अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि नवजात को गला दबा कर मारने की पहले कोशिश की गई और फिर उसे मरा समझ फेंक दिया गया. मगर अब वह खतरे से बाहर है.

जांच में जुटी पुलिस

घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत धारा 317 लगा कर तफ्तीश में जुटी है.

नवजात शिशु को किस ने फेंका, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा पर इतना तो तय है कि इतने क्रूर तरीके से फेंका गया नवजात अवैध संबंधों से भी पैदा हुआ हो सकता है, जिसे बदनामी के डर से पैदा होने के बाद फेंक दिया गया होगा.

एसी कोच में आमतौर पर उच्च तबके के और पढेलिखे लोग ही यात्रा करते हैं. ऐसे में जब नवजात शिशु अस्पताल में है और खतरे से बाहर है तो पुलिस जांच के बाद सचाई सामने आ ही जाएगी. पर वह कैसी मां होगी जिस ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए इस तरह का कदम उठाया, जो पकङे जाने पर अब कानून और समाज दोनों की नजरों में दोषी हो जाएगी, यह तय है.

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