Kanwar Yatra: एक तरफ कांवड़ यात्रा, दूसरी तरफ चेहल्लुम का जुलूस. अब क्या करे प्रशासन? चलो, सड़क को ही बांट दो. हुआ यों कि उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम के जुलूस को शांति से पूरा कराने के नाम पर ऐसा इंतजाम किया कि नगर के हनुमान चौक शामली रोड कांवड़ मार्ग के तकरीबन 170 मीटर के टुकड़े पर दोनों यात्राएं एकसाथ निकल जाएं.
हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में निकलने वाले चेहल्लुम जुलूस और कांवड़ यात्रा के बीच किसी तरह का टकराव न हो, इस के लिए मार्ग को 2 भागों में बांटा गया, रास्ते के बीच में 10-10 फुट ऊंचे तंबू के परदे लगाए गए, ताकि दोनों धर्मों को मानने वाले बिना किसी हुड़दंग के निकल जाएं.
जब दुनिया का कोई भी धर्म शांति और आपसी भाईचारे का संदेश देता है तो प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चप्पेचप्पे पर सीसीटीवी कैमरे क्यों लगाने पड़े? अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की क्यों जरूरत पड़ी?
क्या यहां भी तथाकथित आंदोलनजीवियों द्वारा धरनाप्रदर्शन करने का खतरा है, जो सरकार और प्रशासन को इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है? Kanwar Yatra
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