बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा दे रही गुरलीन चावला की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट हुई.

मुख्यमंत्री गुरलीन चावला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने संकल्प और परिश्रम से झांसी की धरती को स्ट्रॉबेरी की खेती के अनुकूल बनाया है. इस प्रकार की अभिनव पहल से अधिक से अधिक किसानों और युवाओं को जोड़े जा सकते है.

जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा : मुख्यमंत्री ने गुरलीन चावला से यह अपेक्षा की कि वे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किसानों को कृषि विविधीकरण के इस प्रयास में जागरूक करें. जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है. मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पाद को ऑर्गेनिक प्रमाणित करने के लिए मण्डल स्तर पर प्रयोगशाला की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती जहां एक ओर किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी, वहीं दूसरी ओर ‘स्ट्रॉबेरी महोत्सव’ जैसे आयोजनों से बाजार की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रकार के प्रगतिशील प्रयासों का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इनसे जोड़ें. इन उत्पादों की मार्केटिंग और प्रोसेसिंग की व्यापक व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए.

प्रधानमंत्री ने की तारीफ : गुरलीन चावला ने जनपद झांसी में स्ट्रॉबेरी की खेती का सफल प्रयोग किया.  17 जनवरी, 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में आयोजित ‘स्ट्रॉबेरी महोत्सव’ का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ करते हुए कहा था कि बुन्देलखण्ड की धरती पर स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन देश व प्रदेश के लिए नया सन्देश है. इससे बुन्देलखण्ड क्षेत्र की नई पहचान बनेगी. रविवार 31 जनवरी, 2021 को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्ट्रॉबेरी की सफलतापूर्वक खेती के लिए  गुरलीन चावला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा था कि स्ट्रॉबेरी महोत्सव जैसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि हमारा देश कृषि क्षेत्र में किस प्रकार नवीनतम तकनीकी को अपना रहा है.

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