लेखक- शहनवाज 

शादी यानी 2 इंसानों का मिलन. शादियों के मौकों पर अकसर रिश्तों में पड़ी खटास को मिटाया जाता है, मगर कई बार इस का उलटा भी होता है. शादी के रिश्ते में बंधने के लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ता है.

वर्ष 2018 में मुझे मेरे दोस्त ने अपने चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. यह शादी उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में होनी थी. मैं शादी से एक दिन पहले वहां पहुंच गया. घर को देख कर महसूस हो गया था कि उन की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. जमीन के एक छोटे से टुकड़े पर उस के चाचा खेती करते थे और औफसीजन में शहर में जा कर मजदूरी करते थे. मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि लड़के वालों की तरफ से किसी तरह की दहेज़ की डिमांड नहीं है. उन्होंने कहा है कि सिर्फ बरातियों के स्वागत में कोई कमी नहीं होनी चाहिए.

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