जिस व्यक्ति ने संत का चोला पहन लिया, वह मनुष्यों के बनाए तमाम कानूनों से ऊपर समझ लिया जाता है. इस तरह की सोच धर्मांध लोगों में ही नहीं, सरकारी मुलाजिमों में गहरे तक बैठी हुई है. दिल्ली पुलिस ने बहुचर्चित दाती दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में खुद ही फैसला दे दिया कि पीड़ित लड़की के बयानों में विरोधाभास है और आरोपी दाती महाराज के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है. आरोप पत्र में पुलिस ने पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था.

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