विश्व के कई देशों में गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है. भारत गृहयुद्ध की आग में तो नहीं जल रहा लेकिन देश के तकरीबन हर हिस्से में अकसर हिंसा हो जाती है. इस हिंसा के भिन्नभिन्न कारण होते हैं. इन में धर्म, जाति, भेदभाव की भूमिकाएं ज्यादा शामिल रहती हैं. हिंसा के बाद सरकारी रवैया ऐसा उभरता है कि जिस के चलते माहौल में तनाव और भी ज्यादा हो जाता है. देशविदेश के कुछ ऐसे ही हालात पर यहां एक सरसरी नजर डालते हैं. हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अटाली गांव में मसजिद निर्माण को ले कर जाटों और मुसलमानों के मध्य हुए झगड़े में कई लोग घायल हो गए. गांव की मसजिद, दुकानों, घरों में तोड़फोड़ की गई. सैकड़ों लोगों को गांव से पलायन करना पड़ा.अटाली की आग ठंडी होने को थी कि पलवल में आगजनी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी और हिंसा शुरू हो गई. इसी बीच महाराष्ट्र के नासिक के निकट हरसुल में आदिवासियों और मुसलमानों के बीच हुई लड़ाई में 2 लोग मारे गए और कई जख्मी हुए. 20 दुकानें जला दी गईं और कई घरों को लूट लिया गया.

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