आधी रात को संसद के सेंट्रल हाल में एक सरकारी डाक्यूमेंटरी रिलीज (लॉन्च) हुई जिसे अब हम सभी जीएसटी के नाम से जानने लगे हैं. इस लोकतान्त्रिक अनुष्ठान में आहुतियां डालने तमाम सांसदों के अलावा कुछ खास किस्म के यजमान भी खास तौर से आमंत्रित थें. इन सभी ने सर झुकाकर वित्त मंत्री अरुण जेटली जिन्हें सोशल मीडिया पर सक्रिय आम लोग लाड़ से अरुण जेबलूटली भी कहने लगे हैं के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के भी प्रवचन सुनें. इन प्रवचनों में जीएसटी के फायदे गिनाए गए और उसके इतिहास पर भी संक्षिप्त प्रकाश जगमगाती रोशनियों के बीच डाला गया.

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