Punjabi Music Industry : हाल के दिनों में गैंगस्टरों द्वारा पंजाबी गायकों व कलाकारों पर हमले से ले कर धमकियां बढ़ी हैं. इन गैंगस्टर्स का नैटवर्क भारत में ही नहीं, विदेशों में भी फैला हुआ है. सिद्धू मूसेवाला की हत्या इसी से जुड़ा मामला है, मगर सरकार व सिस्टम इस पर काबू नहीं कर पा रहे.
बीते कुछ सालों में कई पंजाबी गायकों की हत्याओं की खबरों ने संगीत जगत को हिला रखा है. इस में सब से चर्चित मामला सिद्धू मूसेवाला की हत्या का था. 29 मई, 2022 को गायक सिद्धू मूसेवाला की मंशा (पंजाब) में गोली मार कर हत्या कर दी गई. लौरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नैटवर्क पर साजिश का आरोप लगा. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस गिरोह पर ‘टेरर-गैंगस्टर’ केस में चार्जशीटें दायर कीं. यह केस ‘खौफ के जरिए वसूली’ मौडल का सब से चर्चित उदाहरण था. इस हाईप्रोफाइल टारगेटिंग से पूरे उद्योग में डर का माहौल पैदा हो गया. इस गिरोह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर और अपने बयानों के जरिए हत्या की जिम्मेदारी ले कर अपना दबदबा दिखाया.
इस से पहले अप्रैल 2018 में मोहाली में गायक व डायरैक्टर परमिश वर्मा पर हमला हुआ था. वर्मा को गोलियां मारी गई थीं. पुलिस के मुताबिक यह 2 महीनों से चल रही धनउगाही कौल्स न मानने का नतीजा था. आरोपी दिलप्रीत ‘बाबा’ ने हमले का क्रैडिट लिया. बाद में उसी गिरोह पर गिप्पी ग्रेवाल से वसूली की कोशिशों के आरोप भी सामने आए.
नवंबर 2022 में बब्बू मान को बंबीहा ग्रुप से जान से मारने की धमकी मिली. धमकी के बाद पुलिस ने उन की सुरक्षा बढ़ाई. यह मामला दिखाता है कि प्रतिद्वंद्वी गिरोह कलाकारों को अपने खेमे से जोड़ कर भी टारगेट करते हैं.
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