नोटबंदी के दौर में उपजी कैश की कमी से निपटने के लिये गांव वस्तु विनिमय के पुराने दौर में वापस चले गये है जहां वस्तु के बदले वस्तु देनी होती थी. वस्तु विनिमय से किसान को नुकसान हो रहा है, क्योंकि उसकी उपज औनेपौने दामों पर बिक रही है. वस्तु विनिमय के इस सिद्वांत को नये युग के लोगों ने नहीं देखा होगा, ऐसे में वह समझ भी नहीं पा रहे होंगे कि वस्तु विनिमय क्या होता है?

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