निर्भया बलात्कार कांड पर बनी डौक्यूमैंट्री ‘इंडियाज डौटर’ को ले कर हल्ला मचा है. सरकार के इस डौक्यूमैंट्री फिल्म पर प्रतिबंध लगा देने के बाद देश में बहस छिड़ गई. एक पक्ष प्रतिबंध के पक्ष में है तो दूसरा इस का विरोध कर रहा है. विरोध करने वालों की संख्या बहुत कम है. पूरी संसद फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए एकजुट हो गई. सबकुछ ऐसा लगा मानो मूर्खों का झुंड उठा, संस्कृति खतरे में पड़ गई, राष्ट्रीय गौरव संकट में आ गया, बिना देखे, बिना जाने और बिना सोचेसमझे बैन लगा दिया गया. सरकारी अमला इस तरह जुट गया मानो सरकार का चीरहरण हो रहा है. और तो और मीडिया के एक बड़े हिस्से द्वारा भी भारत की गंदगी, गरीबी की तरह इस डौक्यूमैंट्री को उसी तरह का रंग दे कर फिरंगियों को कोसा जा रहा है.

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