‘‘पापा, क्या मैं भी हवाईजहाज में बैठ कर उड़ सकती हूं? मैं भी अंतरिक्ष वैज्ञानिक बन सकती हूं? क्या मैं भी अंतरिक्ष यात्री बन सकती हूं?’’ ये सवाल किसी आम व्यक्ति के नहीं, बल्कि भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के थे, जो वे बचपन में अपने पिता से किया करती थीं. कल्पना ने भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनने का गौरव प्राप्त कर अपना यह सपना साकार किया. कल्पना चावला एयरोनौटिकल इंजीनियर थीं.

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