Marriage Material: मौडर्न डेटिंग हो या अरेंज मैरिज, आजकल लोग पार्टनर चुनने में बिलकुल भी कम्प्रोमाइज नहीं करते क्योंकि शादी के लिए सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि और भी फैक्टर्स मायने रखते हैं और कोई पसंद आ जाए तो उसे मैरिज मैटीरियल कह दिया जाता है. लेकिन इस शब्द में ऐसा क्या बुरा है जो लोगों को औफेंसिव लगता है, जानें आप भी.
आजकल रिलेशनशिप में ‘मैरिज मैटीरियल’ शब्द काफी सुनने को मिलता है और इस पर बहस भी उतनी ही होती है. कुछ लोगों को यह शब्द औफेंसिव लगता है क्योंकि उन्हें महसूस होता है कि इस से इंसान को किसी प्रोडक्ट की तरह पेश किया जा रहा है, जैसे उस के गुणों की लिस्ट बना कर तय किया जा रहा हो कि वह शादी के लायक है या नहीं. खासकर तब जब कहा जाता है कि ‘वह डेटिंग के लिए तो ठीक है लेकिन मैरिज मैटीरियल नहीं है,’ तो इस में एक तरह का जजमैंट छिपा होता है. ऐसा लगता है जैसे किसी को 2 हिस्सों में बांट दिया गया हो, एक जो समय बिताने के लिए ठीक है और दूसरा जो जिम्मेदारी के लायक है.
यह शब्द लड़कियों के लिए ज्यादा औफेंसिव माना जाता है, जिन से उम्मीद की जाती है कि वे घर संभालें, एडजस्ट करें, परिवार को प्राथमिकता दें, तभी वे ‘मैरिज मैटीरियल’ कहलाएंगी.
लेकिन अगर इस शब्द को थोड़ा अलग नजर से देखें तो इस का मतलब सिर्फ इतना भी होसकता है कि कोई अपने लिए एक ऐसा जीवनसाथी ढूंढ़ रहा है जो लंबे समय तक साथ निभा सके. शादी कोई खेल नहीं बल्कि सालोंसाल का रिश्ता है. यह एक लंबी सा?ोदारी है जिस में सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि सम?ा, जिम्मेदारी, आर्थिक स्थिरता, इमोशंस और फ्यूचर प्लानिंग भी शामिल होते हैं.
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