Butati Dham scam: राजस्थान के नागौर जिले में अयोध्या के राममंदिर दानचोरी जैसा बड़ा मामला सामने आया है. मामला नागौर के बुटाटी स्थित संत चतुरदास महाराज मंदिर से जुड़ा है. जिला कलेक्टर के आदेश पर बनी जांच कमेटी को मंदिर समिति के वित्तीय कामकाज में गड़बड़ी मिली है. जांच कमेटी ने मंदिर समिति के अकाउंटस, बैंक लेनदेन, वाउचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी है. रिपोर्ट में सोनाचांदी के लेखाजोखा से ले कर भोजनशाला निर्माण, किराया जमाखर्च वगैरह में गबन और फंड का गैर इस्तेमाल होना माना गया है.
सब से बड़ी बात तो ये है कि मंदिर में बड़े दानदाताओं ने जो निर्माण कार्य करवाया है, उसे तक मंदिर समिति ने अपने खर्च में जोड़ दिया है. कमेटी ने करीब 22 करोड़ रुपए का गबन माना हैं. गौरतलब है कि राममंदिर में गबन हो गया, खाटूश्याम के पुजारी का रईसजादा बेटा बाईक सवार यात्रियों को कुचलकर चला गया, सालासर बालाजी के पुजारी ने बेटी के विवाह में करोड़ों रुपए खर्च किए..... और अब बुटाटी धाम में करोड़ों का घपला हो गया... वगैरहवगैरह. हालांकि यह तो मामूली धाम हैं, ऊंचेबड़े मंदिर धामों की बात ही निराली हैं.
नागौर के रहने वाले रामनारायण चौधरी बताते हैं, "मेरा गांव बुटाटी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है. जब भी किसी को लकवा होता है तो बुटाटी धाम जाते हैं, लेकिन सच तो यह हैं कि आज तक एक भी मरीज ठीक नहीं हुआ है.
"मेरी छोटी बहन हर महीने बुटाटी धाम फेरी देने जाती थी. जब उन को लकवा हुआ तो हम ही पहली बार उसे बुटाटी ले कर गए थे. 7 दिन तक वहीं रखा, ताकि 7 दिन तक 7 फेरी दे सकें. लेकिन उसे बचा नहीं सकें. यदि डॉक्टर की सलाह को मानते तो आज हमारी बहन जीवित होती."
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