Delimitation: दरअसल आज के दौर में यह डाटा सुलभ तरीके से उपलब्ध है कि किस क्षेत्र में किस पार्टी के वोटर हैं, परिसिमन में उन वोटरों की कांट छांट करके चुनाव में आसानी से सीटे जीती जाती है. आसाम में 2023 में परिसिमन हुआ और खेल हो गया. धुबरी, बारपेटा और कोकराझार लोकसभा सीट एक साथ है, तीनों लोकसभा क्षेत्र की सीमाएं मिली हुई हैं. मुसलमान बहुल इन सीटों पर धुबरी में बदरुद्दीन अजमल, बारपेटा से कांग्रेस के अब्दुल खालिक और कोकराझार से निर्दलीय नबा कुमार सरनिया जीतते रहे हैं और यह तीनों भाजपा के विरोधी थे. अब 2023 में आसाम में परिसिमन हुआ तो कोकराझार और बारपेटा लोकसभा क्षेत्रों के 9 लाख मुसलमानों के वोट धुबरी लोकसभा क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिये गये.
2019 में जिस धुबरी लोकसभा क्षेत्र में 18 लाख वोटर्स थे, 2024 में वहां वोटों की संख्या 27 लाख हो गई. बारपेटा और कोकराझार में मुस्लिम वोटर कम हो गये और 2024 के चुनाव में भाजपा के सहयोगी NDA का दल असम गण परिषद वहां से जीत गई और धुबरी में कांग्रेस का प्रत्याशी 10 लाख से अधिक वोट से जीत गया. इस तरह 9.5 लाख वोट बेकार हो गये जो बारपेटा और कोकराझार में भाजपा को हराते थे. Delimitation
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