ऐक्टिंग के क्षेत्र में देशविदेश में मशहूर अभिनेता शाहरुख़ खान के पुत्र आर्यन खान को मुंबई क्रूज ड्रग्ज केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है, यानी, वे ड्रग्स केस मामले में पूरी तरह बेकुसूर पाए गए हैं. एनसीबी को आर्यन खान के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला. ऐसे में उन सारे दावों की हवा निकल गई जो इस मामले के शुरू होने के बाद किए जा रहे थे. 22 दिन जेल और 238 दिनों लंबे चले ट्रायल के बाद आर्यन खान बेदाग निकले हैं. आर्यन के बेदाग निकलने के बाद एनसीबी और मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं.

इस में कोई शक नहीं है कि आर्यन खान को जबरदस्ती बलि का बकरा बनाया गया था ठीक वैसे ही जैसे कुछ समय पहले रिया चक्रवर्ती को बनाया गया. आर्यन खान मामले की जांच करने वाले एनसीबी के डीडीपी संजय सिंह ने जांच में यह पाया कि आर्यन के पास ड्रग्स नहीं था. आर्यन द्वारा ड्रग्स के सेवन करने का प्रमाण भी उन्हें नहीं मिला. जो व्हाट्सऐप चैट्स निकली गईं वो इस मामले से लिंक नहीं करतीं. वहीं, एनसीबी के डीजी एस एन प्रधान ने कहा कि जिस तरह के सुबूत सामने आए हैं उन से यह साफ है कि यह कोई अंतर्राष्ट्रीय साजिश का मामला नहीं था. पर सवाल ये कि जो दाग मीडिया और नारकोटिक्स ने इन दिनों आर्यन खान पर लगाए क्या वे आसानी से धुल पाएंगे? 24 वर्षीय एक युवा को जिस तरह के तनावों से गुजरना पड़ा क्या उस की भरपाई हो पाएगी?

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