हालिया चुनावी हार से सदमे में डूबे शिवराज सिंह चौहान अपनी मौजूदा स्थिति को सहज तरीके से नहीं ले पा रहे हैं. अब उन्हें अपनी ही पार्टी से दरकिनार होने का भय सता रहा है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान 16 जनवरी को उज्जैन में थे, लेकिन इस बार हमेशा की तरह उन्होंने प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में जा कर पूजापाठ और अभिषेक नहीं किया. उन के इर्दगिर्द पहले की तरह अधिकारियों, नेताओं और पत्रकारों का जमावड़ा नहीं था, बल्कि उन के समर्थक के तौर पर इनेगिने भाजपा कार्यकर्ता ही थे. शिवराज सिंह को अब जनता में भगवान दिखने लगा है.

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