कांग्रेस नेता और पूर्व राजयसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने गुजरात मे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को निकले जाने की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 3 दिनों में 30 हजार से अधिक उत्तर भारतीयों को विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगो को गुजरात से निकाला गया है. उनके साथ हिंसा की गई, उनके मकान जलाए गए. उनकी जायदाद को नुकसान पहुंचाया गया. मकान खाली कराये गए, घरों का सामान बाहर रखा गया है.

प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी जी के शासन काल मे यह सर्कुलर जारी हुआ था कि 30 फीसदी से अधिक गुजरात के में उत्तर भारतीयों को काम ना मिले. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि जो भी भाजपा की सरकार वाले राज्य हैं, जैसे असम से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगो का नाम सूची से बाहर किया गया. सबसे पहले कच्छ गुजरात से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीखों और पंजाबियों को निकाला गया. अरूणाचल प्रदेश और शिलौंग मेघालय में यही हुआ. जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो मनसे के राज ठाकरे को राजकीय अतिथि बनाया ठाकरे ने भी उत्तर भारतीयों को बाहर किया.

पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा जिन प्रदेशो में बीजेपी की सरकार है वही से उत्तर भारतीयों को क्यों निकाला जा रहा है. क्या यही गुजरात मौडल है? पीएम मोदी को सांसद बनना था तो यूपी आये और जब कार्यकाल खत्म होने को आया तो यूपी वालो का अपमान किया जा रहा है. हमारे लोगो के घर जलाए गए, गाड़िया जलाई गई, सम्पति नष्ट की गई पीएम और अध्यक्ष अमित शाह ने एक शब्द नही बोला. हमने उन्हें 73 सांसद देकर पीएम बनाया और बदले हमे दुत्कार मिला. मोदी जी को जब पीएम बनाना था तो उनको उत्तर प्रदेश याद आया और अब जब फिर चुनाव आ रहा तो गुजरात से उत्तर प्रदेश के लोगों को भगाया जा रहा.

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