मेडिकल साइंस के विकास में शेष दुनिया को कमतर आंकने वाले पश्चिमी देश आज उसी शेष दुनिया पर आश्रित सा नजर आ रहे हैं. जबकि, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले विश्व के सबसे बड़े वार्षिक पुरस्कार 'नोबेल' पर ज्यादातर कब्जा इन्हीं देशों का रहा है.

यहां नोबेल पुरस्कार के लिए उचित कैंडीडेट चुनने की प्रक्रिया और मापदंडों पर सवाल नहीं उठाया जा रहा, हालांकि समय-समय पर विवाद होते रहे हैं, बल्कि इस पुरस्कार पर एक अलग पहलू से नज़र डाली जा रही है जो कोरोनावायरस से उभरी कोविड-19 बीमारी ने गंभीर संकट दुनिया के सामने ला दिया है.

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