अब गुजरात गौरव यात्रा से ले कर केरल की जनरक्षा यात्रा तक योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व के ब्रैंड के रूप में भाजपा द्वारा पेश किया जा रहा है. इन राज्यों के चुनावों में सफलता मिली तो 2019 के लोकसभा चुनावों में योगी का बड़े पैमाने पर प्रयोग होगा. हिंदुत्व के हिट होने से रोजगार और विकास की बातें कम होंगी. नोटबंदी और जीएसटी के कुप्रभावों पर चर्चा नहीं हो सकेगी. पार्टी को आशा है कि हिंदुत्व के मुद्दे के बहाने यशवंत सिन्हा जैसे अपनी पार्टी के विरोधी नेताओं की आवाज को दबाया जा सकता है. योगी को हिंदुत्व के ब्रैंड के रूप में प्रयोग कर के भाजपा ने संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनाव  वह धर्म के आधार पर ही लड़ना चाहती है. धर्म की लकड़ी की कड़ाही बारबार आग पर चढ़ाई जा सकती है, यह धर्मों का इतिहास स्पष्ट करता है.

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