जब मंचीय कवि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी से जुड़े थे तो उन्हें अपने मित्र अरविंद केजरीवाल से बड़ी उम्मीदें थीं कि लोकसभा चुनाव हारने के एवज में वे उन्हें राज्यसभा भेज देंगे, लेकिन हुआ उलटा कि उन्हें आप से ही बाहर कर दिया गया. यह कसक अक्सर कुमार विश्वास को सालती रहती है और वे हर कहीं अपने भूतपूर्व यार को दगाबाज वगैरह कविताओं के जरिए बताते रहते हैं.

Tags:
COMMENT