चुनाव लड़ना हर नेता का सपना होता है. किसी भी पार्टी का बडा नेता ही क्यों ना हो लोकसभा या विधनसभा तक जाने के लिये वह जनता के बीच चुनकर जाना पसंद करता है. जिन नेताओं के कंधे पर अपनी पार्टी को खडा करने का बोझ होता है वह भी चुनाव लड़ कर ही सांसद विधयक बनता है. बहुजन समाजपार्टी की नेता मायावती उन नेताओं में है जो विधनसभा या लोकसभा से कम और विधन परिषद और राज्य सभा के जरीये सदन में पहुंचने को ज्यादा पसंद करती है.

Tags:
COMMENT