भक्तों ने पिछले साल केजरीवाल की खांसीजुकाम का खूब मखौल बनाया था. अब केजरीवाल के पास कलश तो है नहीं कि मार ?ाड़ा, मंतर फूंक श्राप दे दें. लेकिन अब पूरी दिल्ली खांस और कराह रही है तो लगता है कि एक बद्दुआ, जो उन्होंने दी ही नहीं, दिल्ली के लोगों के चिपक गई है.

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