राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ पिछले वर्ष सभी विरोधी दलों को एक मंच पर लाने की मुहिम शुरू कर नैशनल हीरो के रूप में उभरे नीतीश कुमार एक बार फिर से संघ की गोद में जा बैठे हैं. साल 2013 में भाजपा का साथ छोड़ कर लालू प्रसाद यादव के कंधे पर चढ़ कर सत्ता हासिल करने वाले नीतीश ने 26 जुलाई को लालू, महागठबंधन और जनादेश का दामन झटक कर भाजपा के कमल में रंग भर दिया. भाजपा के साथ मिल कर उन्होंने बिहार में सरकार बना ली है. ऐसा कर उन्होंने अपने संघमुक्त भारत के नारे को अपने ही हाथों मिट्टी में मिला दिया.

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