गुजरात में राहुल गांधी को सुनने भारी भीड़ उमड़ रही है, जनता किसी को भी पप्पू बना सकती है, राहुल गांधी अब पप्पू नहीं हैं, राहुल गांधी क्या बोलता है, क्या करता है, किससे मिलता है इसमें देश की जनता दिलचस्पी लेने लगी है, इसका मतलब है कि राहुल गांधी भी देश को लीडरशिप दे सकते हैं, ये उद्गार अगर किसी कांग्रेसी नेता के होते तो उन्हें चाटुकारिता और गांधी नेहरू परिवार की भक्ति कहकर नजरंदाज करने में कोई नहीं हिचकता, लेकिन यह सब बातें या तारीफ शिवसेना में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले नेता संजय राऊत ने कहीं, तो उसके अपने अलग माने इस लिहाज से हैं कि भाजपा शिवसेना गठबंधन टूटने की कगार पर है.

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