मध्यप्रदेश में कोई 30 बागी दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस से मैदान में हैं, इनमे से 20 के लगभग सत्तारूढ़ दल भाजपा के हैं इनमें से भी कुछ चेहरे ऐसे हैं जो कभी पार्टी छोड़ने की बात सोच भी नहीं सकते थे, मसलन बुंदेलखंड इलाके के बुजुर्ग कद्दावर नेता डाक्टर रामकृष्ण कुसमारिया, सरताज सिंह, केएल अग्रवाल और बेरसिया सीट से निर्दलीय लड़ रहे ब्रह्मानन्द रत्नाकर जैसे 2 दर्जन नेता, जिन्होंने टिकिट न मिलने पर पार्टी छोड़ दी और अब पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को हराने दिन रात एक कर रहे हैं.

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