मध्यप्रदेश की राजनीति का यह वह दौर है जिसमें दोनों प्रमुख दलों के दिग्गज नेता गैरों से कम अपनों से ज्यादा आशंकित हैं और इसकी वजह आकड़ों का वह गणित है जिसका गुणा भाग जरा सा भी गड़बड़ हुआ तो राज्य का पूरा राजनैतिक इतिहास ही बदल जाएगा. 230 विधान सीटों में से 114 कांग्रेस की हैं 109 भाजपा की हैं और 7 अन्य व निर्दलीयों के कब्जे में हैं.  इन सभी ने कांग्रेस को समर्थन दिया हुआ है जिसके चलते कांग्रेस सरकार बना पाई और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने. बसपा के 2 और सपा का एक विधायक कांग्रेस के लिए इतना अहम है कि उनका शादी के फूफाओं जैसा ख्याल कांग्रेस रखती है.

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