Artificial Intelligence: अमेरिका में अब सिर्फ नीतियां ही नहीं, तकनीक पर भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमर्जी हावी हो रही है. ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को नया नाम देने की मुहिम छेड़ दी है. ट्रंप की कोशिश है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI को सुपर इंटेलिजेंस यानी SI कहा जाए. सवाल यह है कि नाम बदलने से आखिर बदलेगा क्या? और इसके पीछे इतनी राजनीतिक गर्मी क्यों पैदा हो गई है?
ट्रंप ने 19 सितंबर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एआई के लिए नए नाम सुझाने वाला पोल किया. उन्होंने ‘Superior Intelligence’, ‘Extreme Intelligence’ और ‘Super Intelligence’ जैसे विकल्प रखे. 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उन्होंने कहा कि ‘Artificial’ शब्द इस तकनीक को कुछ हद तक ‘फर्जी’ जैसा महसूस कराता है और अमेरिका अब इसके लिए Super Intelligence या SI शब्द का इस्तेमाल करेगा.
29 सितंबर को टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ व्हाइट हाउस की बैठक में भी यह मुद्दा उठा. इसके बाद ट्रंप ने ‘Inaugurating the Era of Super Intelligence’ शीर्षक वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. आदेश के तहत संघीय एजेंसियों को आधिकारिक संचार में AI की जगह SI शब्द इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए और भविष्य में इसके लिए नई वैधानिक परिभाषा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई.
असली विवाद नाम बदलने से कहीं बड़ा
मामला सिर्फ AI का नाम बदलकर SI करने का नहीं है, बल्कि इस नाम बदलने से पैदा हुए कारोबारी मौके और उससे जुड़े सवालों का है. दरअसल AI का नाम SI करने के साथ ही .si स्लोवेनिया का इंटरनेट कंट्री-कोड डोमेन होने का मुद्दा सामने आया है. .si स्लोवेनिया का इंटरनेट कंट्री-कोड डोमेन है, जैसे भारत के लिए .in और ब्रिटेन के लिए .uk इस्तेमाल होता है. जैसे ही ट्रंप ने AI को SI कहने की बात की, दुनिया भर के लोगों और डोमेन निवेशकों को लगा कि अब something.si जैसे इंटरनेट पते भविष्य में महंगे हो सकते हैं.
.si डोमेन विवाद इसी वजह से दिलचस्प है: एक शब्द बदलने के फैसले ने अचानक एक पूरे डिजिटल बाजार में पैसा बनाने का अवसर पैदा कर दिया. बड़े पैमाने पर डोमेन खरीद और कुछ संदिग्ध पैटर्न सामने आने शुरू हो गए. हैरानी की बात तो यह है कि ट्रंप द्वारा SI नाम की सार्वजनिक घोषणा से पहले ही बड़ी संख्या में AI, SI और MAGA से जुड़े .si डोमेन खरीदे गए. ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन ट्रंप दोनों जिस स्लोवेनिया की नागरिकता रखते हैं, उस स्लोवेनिया में .si डोमेन की खरीद अचानक बढ़ गई.
ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र भाषण के आसपास केवल दो दिनों में 6,000 से अधिक नए .si डोमेन पंजीकृत हुए, जबकि अगस्त में पूरे महीने में लगभग 3,500 पंजीकरण हुए थे. कुछ डोमेन बाद में लाखों डॉलर में बिक्री के लिए लगाए गए. यानी किसी ने सोचा कि अगर आने वाले समय में दुनिया AI को SI कहने लगेगी, तो SI वाले अच्छे इंटरनेट पते आज सस्ते में खरीदकर कल महंगे दाम में बेचे जा सकते हैं.
तो मामला सिर्फ नाम बदलने भर का नहीं बल्कि निजी लाभ और सत्ता के इस्तेमाल का भी है. यदि यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति या समूह ने सरकारी नीति की पहले से जानकारी होने के आधार पर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश की, तो यह गंभीर नैतिक और कानूनी जांच का विषय होगा.
ट्रंप समर्थक जहां इसे AI को लेकर नई सोच और अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व की कोशिश बता रहे हैं, वहीं आलोचक पूछ रहे हैं कि तकनीक का नाम बदलना जरूरी था या उसके जोखिमों, नियमन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर काम करना? AI को SI कह देने से उसकी ताकत, खतरे या सामाजिक प्रभाव नहीं बदलेंगे। असली चुनौती नाम की नहीं, नियंत्रण, सुरक्षा और जवाबदेही की है. Artificial Intelligence





