जून 1995 को लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड में मिले अपमान को भूल कर बसपा नेता मायावती ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया तो अखिलेश यादव ने अपने समर्थकों को कड़ा संदेश देते कहा कि मायावती का अपमान मेरा अपमान है. मायावती ने मुलायम सिह यादव के भाई शिवपाल यादव को भाजपा का एजेंट करार दिया. पूरे प्रकरण में मायावती ने मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं लिया.

Tags:
COMMENT