उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में धर्म के प्रचार के लिये भाजपा राममंदिर का जिक्र नहीं कर रही. अब वह धर्म को राजनीति के केन्द्र में रखने के लिये दीवाली-होली और ईद, श्मशान और कब्रिस्तान और तीन तलाक जैसे मुद्दों को चुनाव के केन्द्र में रख रही है. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में यह नये तरह के धर्मवाद का प्रतीक बन गया है. सोशल मीडिया और दूसरे मौखिक प्रचार से यह बात की जा रही है कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में किसी मुसलिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया. अब बारी हमारी है. सुप्रीम कोर्ट की मंशा को दरकिनार कर सभी दल पूरी तरह से जाति और धर्म को लेकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं.

COMMENT