जब आपसी रिश्ते राजनीति पर भारी पड़ते हैं तो राजनीति और समाज दोनों प्रभावित होते है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.

दलित और पिछड़ों की अगुवाई करने वाले जिन दलों को आपस में मिलकर अगड़ो से लड़ना चाहिये था वह अब आपस में लड़ रहे हैं. जिसके चलते भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में बिहार जैसे महागठबंधन की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

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