मैं राजस्थान में पाली जिले के छोटे से गांव वरकाणा का मूल निवासी हूं. 4 वर्ष की उम्र में पढ़ाई के लिए 3 किलोमीटर दूर मुझे पड़ोस के गांव में पैदल जाना पड़ता था. जब मैं 7वीं कक्षा में पढ़ रहा था, तब एक दिन जोधपुर शहर देखने की इच्छा हुई, जोकि गांव से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर है. एक दिन पापा को बताए बिना मैं गांव से 7 किलोमीटर दूर रानी स्टेशन जा पहुंचा तभी गांव में किसी ने मेरे पापा को मेरे कार्यक्रम की सूचना दे दी. वे भागते हुए आए और मुझे घर वापस ले गए और कहा कि पढ़ाई खूब मन लगा कर करोगे तभी मैं तुम्हें जोधपुर भेजूंगा.

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