शहरों में अखबारों में शादी के इश्तिहार देने, मैरिज ब्यूरो, मैट्रिमोनियल साइट और गैरबिरादरी में शादीब्याह कराने के बहुत से रास्ते हैं. इन के जरीए शादी के लिए दूल्हादुलहन की तलाश की जा सकती है, पर गांवों में अभी भी केवल परिचितों का ही सहारा है.

शहरीकरण का असर बढ़ने से गांव से शहर की तरफ तो लोग जा रहे हैं. गांव के लोगों की गांव में ही शादियां न के बराबर होती हैं. इस वजह से अब गांव में शादी के रिश्ते खोजना मुश्किल होने लगा है.

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