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आधुनिकता के इस दौर में इनसान की अनियमित दिनचर्या, अनुचित व असंतुलित खानपान, अवसाद, चिंता, भय, शोक आदि मानसिक कारण ही मधुमेह या डायबिटीज जैसी बीमारी के कारण हैं. मधुमेह के रोगी को अपनी दिनचर्या में परिवर्तन लाना आवश्यक है साथ ही उचित खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है. डायबिटीज के रोगी के लिए चीनी से बने खाद्य पदार्थ नुकसान देते हैं. अधिक गरिष्ठ भोजन, सूखा मेवा, अधिक मीठे फल आदि का सेवन भी खून में शुगर को बढ़ाता है.
मधुमेह के रोगी को सादा भोजन, स्प्राउट, सलाद, उपमा, पोहा, भेलपूरी, खाखरा, ढोकला जैसी हलकीफुलकी चीजों का सेवन करना चाहिए. हरे पत्तेदार सब्जियां, खीरा, करेला, स्किम्ड दूध का पनीर, सोयाबीन, आंवला, पपीता, जामुन व ऐसे फल जिन में मिठास कम हो भरपूर मात्रा में खाने चाहिए. हां, अधिक तलेभुने भोजन के बजाय स्टीम फूड या स्प्राउट का सेवन अधिक करें.
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डायबिटीज के रोगी को सिर्फ गेहूं की रोटी न खा कर मिक्स्ड ग्रेन के आटे की रोटी खाना लाभप्रद है. चना, सोयाबीन, जौ, ज्वार, बाजरा, चौलाई व गेहूं का आटा मिला कर रोटी बनाएं. इस गूंधे आटे में बारीक कटा पालक या मेथी मिला कर पौष्टिक रोटियां या परांठा बनाया जा सकता?है. नीचे लिखी व्यंजन विधियों को मधुमेह के रोगी प्रयोग कर के लाभ उठा सकते हैं :
- गांठगोभी की रसेदार सब्जी
सामग्री : 1 छोटी गांठगोभी, 1-1 बड़ा चम्मच प्याज व टमाटर का पेस्ट, 1 छोटा चम्मच लहसुनअदरक का पेस्ट, 1/2 छोटा चम्मच हलदी, 1/2 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर, 2 बड़े चम्मच तेल, नमक स्वादानुसार.
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