सेक्स एक शारीरिक क्रिया है जो जीवन में प्रजनन के अलावा भी बहुत महत्व रखती है. सेक्स का मकसद केवल बच्चे पैदा करना ही नहीं है, यह एंटरटेनमेंट, रेलशनशिप को बनाए रखने और सैटिस्फैक्शन पाने के लिए भी किया जाता है. सेक्स कामेच्छा की पूर्ती करता है और 16 -17 साल की उम्र से वृद्धावस्था तक मनुष्यों में यह इच्छा बनी रहती है.  लेकिन सेक्स महीने में एक बार की जाने वाली क्रिया नहीं है, यह हफ्ते में कम से कम दो बार तो करना ही चाहिए.  रेगुलर बेसिस पर सेक्स करने के इतने फायदे हैं कि जान कर आप भी दंग रह जाएंगे. तो चलिए जानते हैं, सेक्स करने के क्या फायदे हैं?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक स्टेटमेंट के अनुसार सेक्सुअल एक्टिविटी साइकिल चलाने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी ही गतिविधि है. सेक्स के दौरान शरीर की जो मूवमेंट होती है वह पेट और पेल्विक की मसल्स को टाइट करती है. महिलाओं में यह मासपेशियां मूत्राशय नियंत्रण को बेहतर भी बनाती हैं. 2018 की एक अन्य स्टडी के मुताबिक़ 6,000 लोगों पर हुई रिसर्च के आधार पर पाया गया कि वह लोग जो नियमित रूप से सेक्स करते हैं उन की याददाश्त उन लोगों से कही ज्यादा बेहतर होती है जो सेक्स नियमित रूप से नहीं करते.

नियमित सेक्स केवल फिजिकल ही नहीं बल्कि इमोशनल, साइकोलौजिकल और व्यक्तिगत दृष्टि से भी अतिआवश्यक होता है.

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  • सेक्सुअल एक्टिवनेस महिलाओं में लिबिडो को बूस्ट करता है जिस से उन में सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है.
  • सेक्स के दौरान हमारे शरीर में एंडोर्फिन्स रिलीज़ होते हैं जिन्हें ‘फील गुड’ केमिकल्स कहते हैं को डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन को दूर करने में सहायक होते हैं.
  • ओर्गास्म प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन रिलीज़ करता है जो नींद में सहायक होता है.
  • सेक्स सेल्फ एस्टीम बढ़ाता है और इन्सेक्योरिटी को कम करता है.
  • स्टडीज के मुताबिक जितना ज्यादा पुरुष सेक्स करते हैं उतनी बेहतर उनके स्पर्म की क्वालिटी होती है.

आर्काइव्ज औफ सेक्सुअल बिहेवियर में पब्लिश्ड एक स्टडी के मुताबिक़ औसतन प्रौण एक साल में 54 बार, युवा 80 बार और वृद्ध 20 बार सैक्स करते हैं.

  • नियमित सेक्स से महिलाओं में हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है जिस से उन के पीरियड्स भी नौर्मल होते हैं और पीरियड क्रैम्प्स भी कम होते हैं.
  • सेक्स हफ्ते में एक से दो बार करने पर शरीर में इम्यूनोग्लोबिन ए लेवल को बढ़ा देता है. इस से शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है और सर्दी जुकाम जैसे रोग नहीं होते. पेंसिलविनिया की विल्क्स यूनिवर्सिटी ने 112 स्टूडेंट्स पर एक रिसर्च की जिस में उन्होंने पाया कि नियमित सेक्स करने वाले स्टूडेंट्स का इम्यूनोग्लोबिन ए लेवल सैक्स न करने वाले स्टूडेंट्स की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा था.
  • सेक्स से मनुष्यों में औक्सीटोसिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन रिलीज़ होते हैं. यह मूड बूस्ट करते हैं और व्यक्ति रिलैक्स्ड फील करता है. वह खुश रहने लगता है और इस से उस की कार्यक्षमता और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है.

रिलेशनशिप में सेक्स की कमी या कभी कभार ही सेक्स करने से कपल्स एक दूसरे से दूर होने लगते हैं, वे रिलेशनशिप के बाहर सैटिस्फैक्शन ढूंढ़ने की कोशिश करते रहते हैं. अनियमित सेक्स शादीशुदा दंपत्तियों में तलाक का कारण भी बनता है.

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  • ओस्ट्रोजन नामक हार्मोन का सैक्स के दौरान स्त्राव होता है. यह हार्मोन स्किन को स्मूथ बनाता है. एक अमेरिकन स्टडी के मुताबिक नियमित सैक्स करने वाली महिलाओं में ओस्ट्रोजन की मात्रा अन्य महिलाओं से दोगुनी होती है.
  • नियमित सेक्स कोर्टिसोल लेवल कम कर मनुष्य के दिमाग को भी प्रोटेक्ट करता है. सेक्सुअल इंटरकोर्स स्ट्रेस जैसी प्रतिक्रियाओं से लड़ने में दिमाग की क्षमता को बढ़ाता है. एक स्टडी के अनुसार इससे एंग्जायटी लेवल में भी गिरावट आती है.
  • कपल्स के बीच रेगुलर सेक्स से कमिटमेंट बढ़ता है. लव मेकिंग उन के रिश्ते को और मजबूत बनाती है. उन के आपसी प्यार और सौहार्द में बढ़ोत्तरी होती है.

सेक्स का पूरा लाभ सुरक्षित और मर्जी से हुए सैक्स से ही मिलता है. ध्यान रहे कि अनचाहे या एबनौर्मल सेक्स से फायदे नुक्सान में भी बदल सकते हैं. यहां सैक्स से साफतौर पर मतलब लव मेकिंग और पैशनेट सेक्स से है. तो नियमित सेक्स कीजिए और इस का भरपूर लाभ उठाइए.

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