देश के नागरिकों में विटामिन डी की कमी महामारी का रूप लेती प्रतीत हो रही है. तकरीबन 90 फीसदी आबादी विटामिन डी की कमी से पीडि़त है. देश के सभी हिस्सों में भरपूर मात्रा में धूप होने के बावजूद इतनी अधिक आबादी में विटामिन डी की कमी पाई जाना हैरानी का विषय है. विटामिन डी, जिसे विटामिन धूप भी कहा जाता है, धूप में बैठने से प्राप्त हो जाता है. यह शरीर में होमियोस्टेसिस को संतुलित रख कर हड्डियों को अच्छी सेहत देता है और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इस की कमी के प्रतिकूल प्रभावों के साथसाथ इस के हमारी सेहत पर दूरगामी प्रभाव भी होते हैं. विटामिन डी की कमी होने के चलते दिल के रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसे रोग भी हो सकते हैं. देश में इस की कमी नवजात बच्चों से ले कर किशोरों, बालिगों, बड़ी उम्र के लोगों और महिला व पुरुषों में एकसमान पाईर् जा रही है. इस के साथ ही, अब गर्भवती महिलाओं और कामकाजी युवाओं में भी यह कमी पाईर् जाने लगी है.

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