बारिश का मौसम आते ही सबके चेहरें पर रौनक आ जाती है. रिमझिम-रिंमझिम बारिश सुहावनें मौसम के साथ त्वचा संबंधी कई बीमारियां भी साथ लेकर आती है. मानसून में त्वचा से जुड़ी कई समस्या जैसे फंगल इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे या त्वचा का अधिक तैलीय हो जाना, जैसी समस्या त्वचा को बहुत अधिक प्रभावित होती है. लेकिन इन सबसे ज्यादा बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण त्वचा के लिए परेशानी का सबब बनता है, अगर इनपर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो ये गम्भीर समस्या का रूप ले सकती है.

बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ने से होती है समस्या

बारिश के आने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है. नमी के कारण हमारी त्वचा में चिपचिपाहट और पसीनें जैसी समस्या होती है. जिससे स्किन तैलीय हो जाती है. जिससे बालों और स्किन में त्वचा संबंधी रोग होते है. जून, जुलाई और अगस्त के समय में यह समस्या काफी बढ़ जाती है.

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ये लक्षण दिखतें ही हो जाए अलर्ट

सिर के फंगल इंफेक्शन होते है अलग

सिर के स्कैल्प में होने वाले इंफेक्शन के लक्षण सामान्य त्वचा में होने वाले इंफेक्शन से अलग होते है. सामान्यतौर पर स्कैल्प पर छोटे-छोटे फोड़े हो जाना, दानों या चिपचिपी परत का होने जैसै लक्षण दिखाई देता है. अगर किसी व्यक्ति को इनमें से कोई लक्षण नजर आए तो उसे फौरन विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. ऐसा ना करने पर बाल झड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

त्वचा के फंगल इंफेक्शन होते है अलग

त्वचा पर होने वाले फंगल इंफेक्शन सिर में होने वाले इंफेकशन से अलग होता है. लाल चकत्ते होना, मुहांसे का निकल आना, उंगलियों के बीच स्कीन का नम होके स्किन की परत निकला जैसी परेशानियां बहुत अधिक तेजी से फैलती है.

कैसे बचें इस समस्या से

सबसे पहले तो इस समस्या से बचने के लिए खुद को ड्राई रखना जरूरी है. एंटी बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करना स्किन के लिए और बेहतर है. साथ ही साफ और धूले कपड़े पहनें. गीले कपड़ो का ना पहने. इससे फंगल इंफेक्शन से बचाव में मदद मिलेगी.

क्या करें उपाय

एलोवेरा जैल

एलोवेरा जैल यूं तो स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता ही है. लेकिन फंगल इंफेक्शन में एलोवेरा जैल का इस्तेमाल इंफेक्शन को दूर करने के साथ-साथ रैशेज, खुजली और जलन जैसी परेशानियों से भी बचाती है. इसके लिए एलोवेरा जैल को स्किन पर लगाकर 30 मिनट तक छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें.

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नीम की पत्तीयां

एलोवेरा जैल की तरह ही नीम की पत्तीयां भी स्किन के लिए राम बाण की तरह है. नीम में निन्बिडोल और गेडूनिन को गुण होते है जो एंटी-फंगल होते है. इससे फंगल को खत्म में बहुत मदद मिलती है. नीम की पत्तीयों को पेस्ट बना लें और इसमें थोड़ा नींबू का रस और हल्दी मिला लें. इस पेस्ट को फंगल इंफेक्शन हुए जगह पर लगाए और बीस-तीस मिनट के बाद पानी से धो लें, ऐसा इंफेक्शन ठीक ना होने तक रोजाना करें.

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