Smoke Health Risks: जून (प्रथम) 2026 अंक में प्रकाशित लेख ‘साइलैंट किलर है ब्लडप्रैशर’ पढ़ा. ज्यादातर पूजापाठ करने वाले व अंधभक्त ईश्वर को प्रसन्न करने के चक्कर में अपने घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में धूप, अगरबत्तियां व दीया जलाते हैं और घंटों वहीं बैठते हैं. धर्मकर्म करने वाले ऐसे लोग यदि बीपी व कैंसर जैसी बीमारियों से बचना चाहते हैं तो उन्हें व्रतउपवास व सभी प्रकार के धुएं से खुद को बचा कर रखना चाहिए.
ज्यादा समय तक भूखे रहने से ब्लडप्रैशर व शुगर का सामान्य स्तर डगमगा जाता है. व्रतउपवास की समाप्ति पर तरहतरह के पकवान ठूंसठूंस कर खाए जाते हैं जिन में चीनी और नमक अधिक मात्रा में होने से रक्तचाप व शर्करा के सामान्य स्तर का असंतुलित हो जाना स्वाभाविक है.
धुआं कैसा भी क्यों न हो, चिकित्सा विज्ञान यह पूरी तरह प्रमाणिक कर चुका है कि धुआं मानव जीवन, विशेषकर लंग्स, के लिए घातक है. यह कैंसर का एक कारक है और रक्तचाप को असंतुलित करता है. फिर वह धुआं भले ही सामान्य अगरबत्ती, धूपबत्ती या फिर स्मोकिंग से ही उत्पन्न क्यों न हो अथवा मंदिर/धार्मिक प्रतिष्ठानों में किए गए हवन आदि का ही क्यों न हो.
मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की अगरबत्तियों, धूप और हवन सामग्रियों के पैकटों, डब्बों पर यह अनिवार्य रूप से अंकित किया जाना चाहिए कि ‘धुआं सेहत के लिए हानिकारक है.’ Smoke Health Risks
लेखक - सूरज कांत शर्मा
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन





