Single Woman Life: यह दबाव हमारे समाज की एक पुरानी आदत का नतीजा है- यह मान लेना कि शादी जीवन की सफलता का तय पैमाना है. जबकि, सच यह है कि हर इंसान की जिंदगी की समयरेखा अलग होती है. आप अपने कैरियर से संतुष्ट हैं, आत्मनिर्भर हैं, यह अपनेआप में एक बड़ी उपलब्धि है. सब से पहले, अपने लिए एक साफ और छोटा जवाब तय कर लें, ताकि हर बार आप को भावनात्मक रूप से खुद को साबित न करना पड़े, जैसे, ‘मैं अपनी जिंदगी से संतुष्ट हूं, जब सही समय होगा तब यह भी हो जाएगा,’ या ‘मैं इस पर सोच रही हूं, धन्यवाद.’ ऐसा जवाब आप को बारबार सफाई देने के दबाव से बचाता है. याद रखें, हर किसी को अपनी निजी जिंदगी का पूरा हिसाब देना आप की जिम्मेदारी नहीं है.
अपने जीवन के फैसलों पर भरोसा रखना सीखें और खुद की खुशियों को प्राथमिकता दें. अपने आसपास ऐसा सपोर्ट सिस्टम बनाइए- दोस्त, परिवार के समझदार लोग- जो आप को वैसे ही स्वीकार करते हों जैसी आप हैं. याद रखें, आप की जिंदगी किसी टाइमटेबल से नहीं चलती, वह आप के फैसलों से बनती है.
दोस्तों से मिलनाजुलना कम हो गया है. दूरी को कैसे पाटूं
मेरी उम्र 34 वर्ष है. नई जिंदगी और जिम्मेदारियों में पुराने दोस्तों से लगभग न के बराबर मिल पाता हूं. शादी के बाद चेन्नई शिफ्ट हो गया हूं. पुराने दोस्तों से अब जब बात करता हूं, तो लगता है कि हमारे बीच पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रही. मन में अपराधबोध भी होता है कि शायद मैं ने दोस्ती को समय नहीं दिया. इस दूरी को कैसे कम करूं?
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