आविष्कारों की वजह से इनसान का जीवन आज बड़ा ही आरामदायक बन गया है. चूंकि उसे शारीरिक श्रम बिलकुल भी नहीं करना पड़ता इसलिए उस के शरीर में चरबी की मात्रा बढ़ती है, जिस के फलस्वरूप मोटापा बढ़ जाता है. मोटापा बढ़ने का मतलब है अनेक रोगों को आमंत्रित करना, जिन में से ब्लडप्रैशर भी एक है. आइए, जानें कि ब्लडप्रैशर कम करने के लिए क्या उपाय किए जाएं.

सब से कठोर उपाय तो यही है कि हम अपनी आदतों में बदलाव लाएं. हालांकि यह कठिन तो अवश्य है लेकिन इन में बिना सुधार लाए काम भी तो नहीं चल सकता है.

 ब्लडप्रैशर कम करने के लिए वजन घटना है जरूरी

मोटापा बढ़ जाने से हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. आप के बढ़े मोटापे के हर अतिरिक्त पाउंड के लिए हृदय को बड़ी ताकत लगानी पड़ती है. शरीर के वजन को उम्र और लंबाई के अनुसार ठीक कर लेने पर ब्लडप्रैशर को 15 से 20 प्वाइंट तक कम किया जा सकता है.

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धूम्रपान को रोकना है जरूरी

धूम्रपान आप के शरीर के लिए आवश्यक विटामिन व खनिज, जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाते हैं, का हृस करता है. तंबाकू में निकोटीन होता है और धूम्रपान से जब यह शरीर में जाता है तो रक्त नलिकाओं को सिकोड़ देता है, जिस से ब्लडप्रैशर बढ़ जाता है. इस के अलावा निकोटीन के और भी बुरे प्रभाव हैं, यह विटामिन ‘बी’ नायसिन की मात्रा को भी घटा देता है.

धूम्रपान का एक बड़ा नुकसान यह भी है कि सिगरेट के धुएं में कार्बन- मोनोआक्साइड होता है, जो रक्त की आक्सीजन वहन करने की क्षमता को कम करता है. इस से हृदय को अपना काम करने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है.

धूम्रपान छोड़ कर ब्लडप्रैशर को 5 से 10 प्वाइंट तक कम किया जा सकता है. सिगरेट व कौफी दोनों को छोड़ देने से ब्लडप्रैशर 15 से 20 प्वाइंट तक कम किया जा सकता है. यह याद रखें कि एक कौफी के कप का असर करीब 2 घंटे तक बना रहता है. आप को अपने ब्लडप्रैशर की बिलकुल सही रीडिंग लेनी है तो कौफी पीना छोड़ दें.

नियमित व्यायाम है जरूरी

नियमित व्यायाम के साथ उपयुक्त पोषक आहार लेने से हृदय मजबूत बनता है. आनुवंशिक रक्त धमनियां खुल जाती हैं, तनाव कम रहता है, वजन सामान्य रहता है और ब्लडप्रैशर कम होने में सहायता मिलती है. सच तो यह है कि यदाकदा किया गया कठोर परिश्रम रोजाना टहलने की अपेक्षा कम असरदार होता है.

तनाव घटाना है जरूरी

ब्लडप्रैशर को सामान्य बनाए रखने में तनाव बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. सब से पहले तो तनाव क्यों है, इस बात का ठीकठीक पता लगाएं. इस से भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि तनाव की समस्या है क्यों? यह बहुत बड़ी बात नहीं है लेकिन बड़ी बात यह है कि इस समस्या से आप निबटते कैसे हैं?

आप ने एक बार समस्या का कारण जान लिया तो उस का तुरंत समाधान भी मिल जाएगा. यह समाधान पत्नी के साथ मनमुटाव रखने या बच्चों को डांटने जैसा नहीं है. यह समाधान है व्यायाम करने में, संगीत सुनने में, योग करने में. इन्हें जीवन में उतार कर ही समाधान ढूंढ़ा जा सकता है.

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तनाव का एक और बड़ा कारण नौकरी का माहौल भी है. नौकरी में पदोन्नति के अवसर न हों, जिस में भविष्य न हो तथा असुरक्षित नौकरी हो, इन सब का ब्लडप्रैशर से सीधा संबंध है और हृदय संबंधी बीमारी से पीडि़त होने की आशंका हो जाती है.

देखा गया है कि योगाभ्यास से अधिकांश लोगों का ब्लडप्रैशर कम हुआ है लेकिन इसे नियमित रूप से किया जाए तो ही लाभ मिलता है.

अगर आप बायोफीड बैक से अपरिचित हों तो इस के बहुत ही आसान व सस्ते तरीके हैं जिन से इन के फायदे जाने जा सकते हैं. आप को पल्स मोनिटर खरीद लेना चाहिए. पल्स मोनिटर एक छोटा सा यंत्र है जिसे तर्जनी में पहना जाता है, जिस से नाड़ी की गति को बड़ी ही आसानी से जाना जा सकता है.

तनाव से मुक्त रहने तथा ब्लडप्रैशर को नियंत्रण में रखने में पालतू जानवर भी बहुत उपयोगी होते हैं. ऐसे हजारों जानवर होंगे जिन्हें अच्छे सहारे की आवश्यकता रहती है.

लेख- डा. संजय अग्रवाल

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