सर्दी का मौसम ढलान पर है. जल्द ही गर्मी शुरू हो जाएगी, बल्कि कहीं-कहीं तो बाकायदा गर्मी शुरू भी हो गयी है. पर ज्यादातर हिस्सों में जोरशोर से गर्मी के शुरू होने में अभी थोड़ा वक्त है. फिलहाल मौसम कभी तोला तो कभी माशा जरूर रहता है. 2014 के बाद 2015 भी गर्मी का रिकौर्ड तोड़ चुका है. ग्लोबल वर्मिंग, पर्यावरण की जो दिशा-दशा है, उससे तो यही लगता है कि हर साल गर्मी का पारा नई ऊंचाइयों को छुएगा. कड़कड़ाती हुई गर्मी शुरू होने से पहले सेहत के मद्देनजर कुछ जरूरी कदम उठाना लाजिमी है. कुल मिला कर है, मौसम के मिजाज के अनुरूप लाइफ स्टाइल को बदलना जरूरी है. पर कैसे? आइए देखते हैं:

  1. हम सब जानते हैं कि गर्मी में हमारे शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. गर्मी के दिनों में पसीना निकलता है. कुछ जगहों पर चिपचिपाहट के साथ ज्यादा ही पसीना निकलता है. जहां चिपचिपाहट वाली गर्मी नहीं है, वहां हिट स्ट्रोक के कारण डिहाइड्रेशन होता है. इस कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इसीलिऋ पूरे दम पर गर्मी शुरू होने से पहले थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीने का मात्रा बढ़ाया जाए तो प्रचंड गर्मी थोड़ी राहत रहेगी. गर्मी में कम से कम आठ ग्लास या तीन लीटर पानी जरूरी है. ध्यान रहे ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचाता है. इससे ज्यादा प्यास लगे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
  2. नियमित रूप से दिन भर में एक तय समय योगा-कसरत के लिए निकालें. अपनी सेहत के अनुरूप हर रोज हल्के-फुल्के कसरत से लेकर चलने-टहलने का नियम बना लें. इतना भी सेहतमंद रहने में सहायक होगा. और दिन भर स्फूर्ति देने और सक्रिय रखने का काम करेगा. सुबह के समय जब अपेक्षाकृत मौसम जरा कूल होता है, उस समय आउटडोर एक्सारसाइज कर सकते हैं. स्वीमिंग कर सकते हैं. स्वीमिंग से पूरे शरीर का एक्सरसाइज होता है. अगर जिम के लिए सुबह का समय नहीं मिल पाता है तो शाम को जिम जा सकते हैं. दोहपर के समय जिम से दूर रहना ही अच्छा होगा. शरीर को ठंडा रखने के लिए बहुत सारे योगा है. इनका भी सहारा लिया जा सकता है.
  3. गर्मी के दिनों में सन बर्न, हिट स्ट्रोक की आशंका रहती है. इसीलिए घर से बाहर निकलने पर अपने साथ छाता, सनग्लास साथ लेकर निकले. इसके अलावा बाहर निकलने से आधा घंटे पहले सनस्क्रीन क्रीम लगाएं. इसीके साथ अपने लिए पानी का बोतल रखें.
  4. आमतौर पर गर्म के दिनों में कोल्ड ड्रिंक पीने का चलन आम है. इसे पीने से बचें. इनसे फौरी राहत जरूर मिल जाती है. लेकिन अंतत: ये शरीर को नुकसान ही पहुंचाते हैं. इससे अच्छा है नारियल पानी, शिकंजी, दही का घोल, बटर मिल्क, लस्सी, आम पन्ना, बेल का शरबत. ये सभी शरीर को ठंडा रखती है. इनसे गर्मी का एहसास भी कम ही होता है.
  5. गर्मी के मौसम को देखते हुए बहुत ज्यादा चाय या कौफी से बचकर रहें. 
  6. अगर अभी से खाने-पीने पर ध्यान देंगे तो गर्मी आराम से निकल जाएगी. सर्दी का मौसम गया तो समझ लीजिए तला, मसालेदार खाना खाने का समय भी बीत गया. अब हल्का-फुल्का खाने पर जोर दें. तली चीजों से दूर रहे. बेहतर होगा, बाहर का खाना खाने से बचें. खासतौर फास्ट फूड और बाजार में मिलनेवाले कटे हुए फल. ऐसे फल व सब्जी रोज के खाने में शामिल करें जिनकी तासीर ठंडी हो. मसलन; गर्मी के दिनों में तरबूत, पपीता, खरबूज, खीरा जैसे भरपूर पानीवाले फल कुदरत की देन हैं. इसी तरह सब्जी भी. घिया, तरोई, नेनुआ, परवल, कद्दू जैसे पानी से भरपूर सब्जी शरीर को भीतर से ठंड रखते हैं. अगर शरीर का तापमान कम हो जाए तो वातावरण की गर्मी का एहसास कम होता है.
  7. गर्मी के दिनों में पसीने के कारण कुछ लोगों को अक्सर फंगल इंफेक्शन की शिकायत हो जाती है. इससे निपटने के लिए जरूरी है कि अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों की साफ-सफाई की जाए. बेहतर हो, खुशबूदार साबुन के बजाए मेडिकेटेड साबुन का इस्तेमाल किया जाए.
  8. गर्मी से निपटने के लिए सूती कपड़ों के अलावा हल्के रंग के ड्रेस, साड़ी, सलवार-कुर्त्ता या शर्ट पहना जाए. अंदरुनी कपड़ों के लिए भी सूती मैटेरियल का चुनाव करें. कुछ भी पहने टाइट फिटिंग के बजाए ढीला-ढाला पहना चाए.

इन कुछ उपायों को अपना कर गर्मी के कठिन दिनों को आराम से निकाला जा सकता है.

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