लौकडाउन में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अधिकतर समय घर पर ही बिताने के लिए मजबूर हैं. वर्क फ्रौम होम की वजह से काफी लोगों को अधिक से अधिक समय लैपटौप या कंप्यूटर पर बिताना पड़ रहा है. जो वर्क फ्रौम होम की कैटेगरी में नहीं हैं लेकिन कोरोना के चलते घर में ही रहने को मजबूर हैं वे अपना ज्यादातर समय मोबाइल फोन या टीवी के स्क्रीन देखते हुए बिताते हैं. इस वजह से आंखों में जलन या खुजली जैसी परेशानी लोगों में दिख  रही है. सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि वे बच्चे भी इस से प्रभावित हो रहे हैं जो ज्यादा देर तक टैबलेट्स पर वक्त बिताते हैं या स्कूल से जुड़े कामों के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं.

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