ज्यादातर मांएं पीरियड्स के बारे में बेटी से खुल कर बात नहीं करतीं. यही कारण है कि इस दौरान किशोरियां हाइजीन के महत्त्व पर ध्यान नहीं देतीं और कई परेशानियों का शिकार हो जाती हैं.

माहवारी को ले कर जागरूकता का न होना भी इन परेशानियों की बड़ी वजह है. पेश हैं, कुछ टिप्स जो हर मां को अपनी किशोर बेटी को बतानी चाहिए ताकि वह पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों से निबट सकें:

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  1. कपड़े को कहें न: आज भी हमारे देश में जागरूकता की कमी के चलते माहवारी के दौरान युवतियां कपड़े का इस्तेमाल करती हैं. ऐसा करना उन्हें गंभीर बीमारियों का शिकार बना देता है. कपड़े का इस्तेमाल करने से होने वाली बीमारियों के प्रति अपनी बेटी को जागरूक बनाना हर मां का कर्तव्य है. बेटी को सैनिटरी पैड के फायदे बताएं और उसे अवगत कराएं कि इस के इस्तेमाल से वह बीमारियों से तो दूर रहेगी ही, साथ ही उन दिनों में भी खुल कर जी सकेगी.

2. कब बदलें पैड: हर मां अपनी बेटी को यह जरूर बताए कि आमतौर पर हर 6 घंटे में सैनिटरी पैड बदलना चाहिए. इस के अलावा अपनी जरूरत के अनुसार भी सैनिटरी पैड बदलना चाहिए. हैवी फ्लो के दौरान आप को बारबार पैड बदलना पड़ता है, लेकिन अगर फ्लो कम है तो बारबार बदलने की जरूरत नहीं होती. फिर भी हर 4 से 6 घंटे में सैनिटरी पैड बदलती रहे ताकि इन्फैक्शन से सुरक्षित रह सके.

3. गुप्तांगों की नियमित सफाई: पीरियड्स के दौरान गुप्तांगों के आसपास की त्वचा में खून समा जाता है, जो संक्रमण का कारण बन सकता है. इसलिए गुप्तांगों को नियमित रूप से धो कर साफ करने की सलाह दें. इस से वैजाइना से दुर्गंध भी नहीं आएगी.

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