पूनम विवाह के लिए सजधज रही थी. होने वाले पति को ले कर मन में सुनहरे सपने उमड़घुमड़ रहे थे. बरात के आने की खबर मिली तो उस की धड़कन बढ़ गई. दिल मचलने लगा. कुछ खुमारी सी छाने लगी. मन में बुलबुले से फूटने लगे. तभी वरमाला की रस्म के लिए उस की सहेलियां उसे लेने के लिए कमरे में आईं.

सजीधजी पूनम मतवाले कदमों के साथ पायल की छमछम की मधुर आवाज लिए वरमाला के लिए बने स्टेज पर पहुंच गई. वरमाला की रस्म शुरू हुई. दूल्हे ने जब अपना मुकुट उतारा तो पूनम मानो गश खा कर गिर पड़ी. दूल्हा गंजा था. दूल्हा और दुलहन के परिवार वालों और रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया.

पूनम ने विवाह करने से साफ इनकार कर दिया. काफी समझानेबुझाने के बाद वह विवाह के लिए तैयार हुई. विवाह के 15 सालों के बाद भी पूनम के मन में यह कसक बाकी है कि उस का पति गंजा है. वह कहती है कि उस के पति इंजीनियर हैं और उन की अच्छीखासी कमाई है, उसे किसी चीज की कमी नहीं है, लेकिन वह अपनी बेटी की शादी किसी भी सूरत में किसी गंजे लड़के से नहीं करेगी.

आज के जमाने में पूनम जैसे हालात अब लड़कियों को नहीं झेलने पड़ेंगे. आज हेयर ट्रांसप्लांट की तकनीक और उस के बढ़ते चलन ने गंजेपन की परेशानी और उस से पैदा होने वाली अजीब स्थिति को काफी हद तक खत्म कर दिया है. डर्मेटोलौजिस्ट डाक्टर सुधांशु कुमार बताते हैं कि गंजेपन की समस्या से भारत ही नहीं, समूची दुनिया के युवा परेशान रहे हैं. बाल उड़ने के बाद इंसान असल उम्र से करीब 10-15 साल ज्यादा का दिखने लगता है. सिर के बालों के जाने के बाद आदमी की पर्सनैलिटी ही बदल जाती है. आत्मविश्वास खत्म हो जाता है. गंजा आदमी भीड़, पार्टियों, इंटरव्यू आदि में खुद को असहज महसूस करने लगता है.

बाल उगाने के नाम पर ठगी भी काफी होती है. होम्योपैथ और आयुर्वेद के डाक्टरों ने तो गंजों के सिर पर बाल उगाने के नाम पर खूब रुपए ऐंठे. बौलीवुड ऐक्टर अनुपम खेर ने एक बार किसी इंटरव्यू में बताया था कि जब किसी आदमी के बाल उड़ने शुरू होते हैं तो उन्हें बचाने के लिए वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता है. किसी ने कोई सलाह दी नहीं कि उस पर तुरंत अमल कर डालता है.

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उन्होंने आगे कहा कि जब उन के सिर के बाल उड़ने लगे तो उन्होंने भी तरहतरह के हथकंडे अपनाए, एक बार किसी सज्जन ने कह दिया कि ऊंट का मूत्र लगाने से बाल निकल आते हैं तो उन्होंने वह भी कर डाला. इस के बाद भी बाल नहीं आए.

हेयर ट्रांसप्लांट

कम उम्र में ही गंजे होने वालों के लिए राहत की बात यह है कि आजकल हेयर ट्रांसप्लांट का चलन और क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है. सर्जरी के जरिए गंजे सिर पर बाल उगाना अब दूर की कौड़ी नहीं रह गई है. आज भारत में हेयर ट्रांसप्लांट के 483 रजिस्टर्ड क्लीनिक खुल गए हैं. इन में हेयर ट्रांसप्लांट करवा कर गंजे हो चुके युवाओं के सिर पर फिर से बाल आ सकते हैं.

पटना एम्स की प्लास्टिक सर्जरी विभाग की एचओडी डाक्टर वीणा कुमारी कहती हैं कि अब हेयर ट्रांसप्लांट की तकनीक काफी विकसित हो चुकी है. इस की सर्जरी की जटिलता काफी हद तक कम हो गई है. सिर की सर्जरी वाली जगह को इंजैक्शन के जरिए सुन्न कर दिया जाता है. उस के बाद सिर के पिछले और अगलबगल के हिस्से के बालों को निकाल कर सर्जरी के द्वारा सिर की खाली हो चुकी जगहों पर सैट कर दिया जाता है.

ज्यादा घने बाल लगाने हों तो ज्यादा समय लगता है, और अगर कम बाल लगाने हों तो 4 से 8 छोटी सर्जरी करनी होती हैं. 2-3 दिनों तक सिर की डै्रसिंग करनी होती है और दवा भी लेनी होती है. सर्जरी के 5-6 दिनों के बाद घाव भर जाता है. सर्जरी के 3 सप्ताह के बाद ट्रांसप्लांट किए गए बाल गिर जाते हैं और उस के बाद नए बाल निकलने शुरू हो जाते है. उस के बाद 6 से 9 महीनों के अंदर पूरी तरह से नए बाल निकल आते हैं और गंजापन पूरी तरह खत्म हो जाता है.

महिलाओं में गंजापन

डाक्टर राजीव पांडे कहते हैं कि औरतों में गंजेपन की शिकायतें मर्दों के मुकाबले काफी कम होती हैं, लेकिन आज की तनावभरी जिंदगी के बीच औरतों में भी बाल उड़ने की समस्याएं बढ़ने लगी है. औरतों में थायराइड प्रौब्लम की वजह से भी गंजापन आना शुरू हो जाता है. अगर डाक्टर की सलाह से टीएसएच, टी-3 और टी-4 की नियमित जांच करवा कर दवा ली जाए तो बालों का गिरना कम हो सकता है.

50 के दशक में अमेरिका में शुरू हुई हेयर ट्रांसप्लाट सर्जरी आज भारत में भी काफी मशहूर हो चुकी है और कई युवाओं को गंजेपन से छुटकारा दिला चुकी है. डाक्टरों का दावा है कि हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी 95 फीसदी कामयाब होती है. समूचे सिर में बाल उगाने के लिए काफी रकम खर्च करनी पड़ती है. अगर किसी के सिर से पूरी तरह बाल जा चुके हैं तो दोबारा बाल उगाने के लिए क्व5-6 लाख तक खर्च करने पड़ सकते हैं. सिर के साथसाथ सर्जरी के जरिए दाढ़ी, मूंछ और भौंहों के बालों को भी ट्रीटमैंट और ट्रांसप्लांट कराने का चलन बढ़ रहा है.

हेयर ऐंड ब्यूटी ऐक्सपर्ट पल्लवी सिन्हा

5 सालों से पटना में हेयर ट्रीटमैंट का काम कर रही हैं. वे कहती हैं, ‘‘आज गंजे सिर पर बाल उगाना मुमकिन हो गया है. कुछ साल पहले तक इसे पत्थरों पर घास उगाने की तरह माना जाता था. सही इलाज से खोए बालोें को दोबारा हासिल किया जा सकता है. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के अंश:

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किस आयुवर्ग के लोग आप के पास हेयर ट्रीटमैंट कराने के लिए आते हैं?

आजकल हारमोनल गड़बड़ी और खानपान में जंक फूड के ज्यादा इस्तेमाल तथा टैंशन आदि की वजह से हर आयुवर्ग के लोग बालों के उड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं. कालेज में पढ़ने वाले युवकों के जब सिर से बाल कम होने लगते हैं तो निश्चित तौर पर उन की टैंशन बढ़ जाती है. बाल चेहरे की खूबसूरती में चार चांद जो लगाते हैं.

माना जाता है कि एक बार जिस के सिर से बाल गायब हुए तो दोबारा आने मुश्किल हैं?

आज से 6-7 साल पहले तक ऐसी स्थिति थी. बालों के दोबारा उगने की बात सोची भी नहीं जाती थी. आज हेयर ट्रीटमैंट और उस से भी आगे बढ़ कर हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है. ऐसे में अब गंजे सिर पर बाल उगाना नामुमकिन नहीं रहा. बस सही इलाज और ऐक्सपर्ट की जरूरत है.

बाल उगाने के नाम पर काफी ठगी का बाजार भी चलता रहा है?

हर गंजा आदमी चाहता है कि उस के सिर पर फिर से हरियाली आए. जब बाल उड़ना, झड़ना या टूटना शुरू होते हैं तो लोग उन्हें बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने के लिए तैयार रहते हैं. इसी सोच का फायदा उठाने के लिए बाजार में कई तरह की आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक दवाएं और तेल बिक रहे हैं. कोई भी एक मिसाल ऐसी नहीं है कि ऐसे तेलों और दवाओं से किसी को फायदा हुआ हो. विज्ञान और तकनीक के जमाने में झोला छाप डाक्टरों और हकीमों पर भरोसा कर लोग अपना समय और पैसा दोनों ही बरबाद कर रहे हैं.

-बीरेंद्र बरियार ज्योति 

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