मानसिक रोगों का सीधा संबंध हमारे तंत्रिकातंत्र से जुड़ा होता है पर हमारे शारीरिक अंग भी इन रोगों को उत्पन्न करने के कारक बनते हैं. मुंह, दांत, जीभ, तालू में अगर थोड़ा सा विकार है तो रोग की यह समस्या धीरेधीरे पीडि़त व्यक्ति को मनोरोगी बना देती है क्योंकि दांतों की जड़ें भी सूक्ष्म तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क से जुड़ी रहती हैं.

Tags:
COMMENT